फूलों की बौछार के बीच घोड़ी पर सवार 24 वर्षीय दूल्हे मनोज बैरवा के चेहरे पर मुस्कान थी, हों भी क्यों न 30 साल बाद पहली बार उसके समुदाय के लोगों की बारात घोड़ी पर सवार होकर निकल रही थी। दरअसल, ऑपरेशन...from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/g13wTU7
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