भारत और चीन की सेनाओं के बीच मंगलवार को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की एक और दौर की वार्ता होगी, ताकि पूर्वी लद्दाख में तनाव को कम किया जा सके और संवेदनशील क्षेत्र से सेनाओं को पीछे करने के तौर-तरीकों को...
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उत्तराखंड सरकार ने राज्य में पूरे 100 दिन बाद रेस्टोरेंट, शापिंग मॉल व धार्मिक स्थल खोलने के आदेश कर दिए हैं। लोग अब रात आठ बजे तक रेस्टोरेंट में खा भी सकेंगे। अलबत्ता, रेस्टोरेंट संचालकों को वहां...
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पाकिस्तान के रास्ते देश की सीमा में प्रवेश करने वाले टिड्डी दलों का खात्मा करने के लिए पूरी तैयारी के साथ एक हेलीकाप्टर मंगलवार को राजस्थान के बाड़मेर के लिए उड़ान भरेगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण...
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सीएए और एनआरसी के विरोध में बीते साल लखनऊ में हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में हजरतगंज पुलिस ने कांग्रेस नेता शाहनवाज आलम को सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। इसकी सूचना पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के...
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असम के 33 में से 25 जिले सोमवार को बाढ़ की चपेट में आ गये तथा बाढ़ के कारण अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यह जानकारी दी।प्राधिकरण के अनुसार डिब्रूगढ़ में दो...
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बिहार की सबसे बड़ी दवा मंडी गोविंद मित्रा रोड कोरोना संक्रमण के खौफ के कारण 3 दिनों के लिए बंद हो गई है। पटना जिला दवा व्यवसाय संघ और बिहार केमिस्ट एंड ड्रगस्ट एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से इस दवा मंडी...
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बिहार में भोजपुर जिले के भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी सहित 34 जिलों में 394 नए कोरोना संक्रमित मरीजों की सोमवार को पहचान की गई। वहीं, एक संक्रमित की इलाज के दौरान मौत हो गयी। इसके साथ ही...
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बिहार के विभिन्न जिलों में टिड्डियों के प्रवेश के बाद 20 जिले अलर्ट पर हैं। कृषि विभाग ने टिड्डियों के प्रवेश वाले दस जिलों को औरेंन्ज जोन में रखते हुए अधिकारियों को सावधान कर दिया है। खास बात यह कि...
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कई दिनों से लगातार वर्षा होने के बाद भी गंगा ने राज्य की नदियों के चढ़ने की रफ्तार थाम रखी है। इसके बावजूद राज्य की चार प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।कोसी, बागमती, कमला बलान...
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बेगूसराय मुफस्सिल थाना के राजौरा में मिडिल स्कूल के पास सोमवार की रात बदमाशों ने एक एफसीआई कर्मी सहित दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों एक ही बाइक से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने घटना...
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बॉलीवुड अभिनेता और टीवी स्टार शेखर सुमन ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। कहा कि यदि यह हत्या नहीं आत्महत्या है तो सच्चाई सामने आ जाएगी। सबको सच का पता चल जाएगा।...
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सोमवार को गंगा व नदियों में गिरनेवाले कचरों को लेकर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की रिपोर्ट को विफल बताया। एनजीटी ने कहा कि इसकी रिपोर्ट से प्रतीत होता है...
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तमिलनाडु के तूतीकोरिन में एक सप्ताह पहले पुलिस हिरासत में हुई पिता-पुत्र की मौत के मामले में सथानकुलम पुलिस थाने के सभी पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर सोमवार को विशेष उप-निरीक्षक...
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केंद्र सरकार ने अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल का कार्यकाल एक साल बढ़ा दिया है। उनका तीन साल का कार्यकाल मंगलवार को खत्म हो रहा था। एक अधिसूचना में कहा गया कि राष्ट्रपति ने वरिष्ठ अधिवक्ता केके...
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ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और मौजूदा समय के दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने करीब तीन महीने बाद नेट्स पर वापसी की है। ऑस्ट्रेलिया में कोविड-19 महामारी के केस बहुत ज्यादा नहीं हैं। मार्च...
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भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी)ने संविदा पर काम करने वाले 500 से अधिक आतिथ्य पर्यवेक्षकों की सेवाओं को रद्द करने का फैसला किया है। उसका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में इनकी...
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राजस्थान रॉयल्स के स्पिनर प्रावीण ताम्बे को लेकर एक असमंजस सी स्थिति बन गई है। ताम्बे ने हाल ही में दावा किया है कि उन्हें कैरिबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) की त्रिनिबागो नाइट राइडर्स ने अगले सीजन के...
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा है कि उन्हें आज तक समझ नहीं आया कि 1978-79 में घर में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीतने के बाद भी कप्तानी से क्यों हटा दिया गया था। इस...
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Success Mantra: अगर कड़ी मेहनत करने के बावजूद जीवन में सफलता हासिल नहीं कर पा रहे हैं तो आपको अपनी सोच और काम करने के तरीके में थोड़ा बदलाव करने की जरूरत है। जीवन में सफल होने के कर्इ रास्ते...
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गृहमंत्रालय ने अनलॉक 2.0 की गाइडलाइंस जारी कर दी है। कंटेनमेंट जोन्स में लॉकडाउन को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है तो इससे बाहर के क्षेत्रों में गतिविधियां चलती रहेंगी। हालांकि, मेट्रो, स्कूल-कॉलेज आदि...
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कोरोना के लिहाज से दिल्ली के लिए सोमवार को राहत भरी खबर सामने आई। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार संक्रमित हुए लोगों की संख्या से इलाज के बाद ठीक हुए लोगों की...
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राजधानी की तिहाड़ जेल के हाई सिक्योरिटी जोन में सोमवार को दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे कैदी की हत्या कर दी गई। जेल अधिकारियों ने वारदात को अंजाम देने वाले कैदी और मृतक के बीत पुरानी दुश्मनी की बात बताई है।
जेल डीजी संदीप गोयल ने बताया कि मरने वाले का नाम मोहम्मद मेहताब (27) था। वह 2014 में अंबेडकर नगर के एक रेप केस में दोषी पाए जाने के बाद से जेल नंबर 8/9 में बंद था। घटना सोमवार सुबह करीब 6 बजे की है। तब हत्या के दोषी जारिक ने मेहताब पर अचानक हमला बोल दिया। उसने किसी नुकीली चीज से मेहताब की गर्दन, पेट और सीने में कई बार किए।
जारिक मर्डर केस में ही 2018 में जेल पहुंचा
इसके बाद जेल स्टाफ ने गंभीर रूप से जख्मी मेहताब को जेल में ही फर्स्ट एड दिया और तुरंत दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचाया। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। हीरा नगर थाने में जाकिर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ है। पूरे मामले की जांच मजिस्ट्रेट की देखरेख में कराई जाएगी। जारिक हत्या के मामले में 2018 से जेल में बंद है।
चीन के साथ तनाव के बीच भारत और जापान की नौसेनाओं ने हिंद महासागर में युद्धाभ्यास शनिवार को किया। दोनों देशों की नौसैनिकों की तरफ से इस बात की घोषणा रविवार को की गई। जापानी समुद्री सेल्फ डिफेंस फोर्स...
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उत्तर प्रदेश में कोरोना मरीजों की रिकवरी दर बढ़कर 66.86 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि राष्ट्रीय दर 60 प्रतिशत के आसपास है। अभी तक कुल 22,155 मरीजों में से 14,808 स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। केवल 6,679...
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RBSE 10th exam 2020 : राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (आरबीएसई) की कक्षा 10वीं की शेष परीक्षाएं आज से शुरू होंगी। आज सुबह 8:30 बजे से सामाजिक विज्ञान का पेपर होगा। इसके बाद मंगलवार को गणित का पेपर...
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सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने आज से 13 साल पहले इंटरनेशनल वनडे क्रिकेट में अपने 15 हजार रन पूरा करके इतिहास रच दिया था. वह ऐसा करने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी बन गए थे
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कोरोनावायरस का कहर नहीं होता तो आज हम टेनिस के सबसे बड़े टूर्नामेंट विंबलडन के 134वें सीजन को शुरू होता देखते। लेकिन, खेल प्रेमियों के लिए 1 अप्रैल को यह बुरी खबर आई थी कि इस साल विंबलडन नहीं होगा। दूसरे विश्व युद्ध के 75 साल बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि टूर्नामेंट को रद्द करना पड़ा। अब ग्रास कोर्ट का यह टूर्नामेंट अगले साल 28 जून से 11 जुलाई तक होगा।
टूर्नामेंट के रद्द होने से ऑर्गनाइजर्स को लगभग 2400 करोड़ रुपए के रेवेन्यू का नुकसान होने का अनुमान है। लेकिन, समझदारी यह रही कि ऑल इंग्लैंड क्लब ने 2003 में सार्स महामारी के बाद अपनी बीमा पॉलिसी को अपडेट कर लिया था।
बीमा कंपनी को हर साल 15 करोड़ रु. देते हैं ऑर्गनाइजर्स
इस लिहाज से ऑर्गनाइजर्स को बीमा के तौर पर करीब 950 करोड़ रुपए मिले हैं। ऐसे में अब यह नुकसान करीब 1500 करोड़ रुपए का ही रहेगा। ऑर्गनाइजर्स बतौर बीमा हर साल इंश्योरेंस कंपनी को करीब 15 करोड़ रुपए देते आए हैं।
विंबलडन के चीफ एक्जीक्यूटिव रिचर्ड लेविस ने कहा था, ‘‘हम भाग्यशाली हैं कि टूर्नामेंट का बीमा है। इससे काफी मदद मिलेगी। आयोजन में शामिल सभी लोग अच्छा काम कर रहे हैं। लेकिन, अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।’’
सिंगल्स में फेडरर ने सबसे ज्यादा 8 बार विंबलडन खिताब जीता
खिलाड़ी
देश
कितनी बार विंबलडन जीता
रोजर फेडरर
स्विट्जरलैंड
8
विलियम सी क्रेनशॉ
अमेरिका
7
पीट सम्प्रास
अमेरिका
7
ह्यूज डोहेर्टी
इंग्लैंड
5
144 साल के इतिहास में तीसरी बार नहीं हो सका विंबलडन
पहला विंबलडन 1877 में खेला गया था। इसे रॉयल टेनिस चैम्पियनशिप के नाम से भी जाना जाता था। पहली बार टूर्नामेंट को पहले विश्व युद्ध के कारण 1915 से 1918 तक रद्द करना पड़ा था। इसके बाद दूसरी बार चैम्पियनशिप 1940 से 1945 तक नहीं हो सकी थी। तब दूसरा विश्व युद्ध कारण बना था। इसके बाद अब 2020 में तीसरी बार कोरोनावायरस के कारण विंबलडन को रद्द करना पड़ा है।
सेरेना विलियम्स 7 बार विंबलडन चैम्पियन बनीं
खिलाड़ी
देश
कितनी बार विंबलडन जीता
मार्टिना नवरतिलोवा
अमेरिका
9
एचएन विल्स-मूडी
अमेरिका
8
डीके डॉग्लास-कैम्बर्स
ब्राजील
7
एसएम ग्राफ
जर्मनी
7
सेरेना विलियम्स
अमेरिका
7
ऑर्गनाइजर्स ने टूर्नामेंट को टालना बेहतर नहीं समझा
उम्मीद की जा रही थी कि कोरोना के कारण विंबवलडन को खाली स्टेडियम में कराया जा सकता है, लेकिन ऑर्गनाइजर्स ने पहले ही इनकार कर दिया था। वहीं, 3 बार के चैम्पियन बोरिस बेकर ने ऑर्गनाइजर्स से इंतजार करने की अपील भी की थी। लेकिन ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब ने टूर्नामेंट को टालना बेहतर नहीं समझा। उसने बोर्ड मीटिंग के बाद टूर्नामेंट को रद्द करने का फैसला किया।
पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूद आतंकवादी भारत में घुसपैठ के नए रूट्स ढूंढ रहे हैं। सुरक्षाबलों की ताजा इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, नए इंफिलट्रेशन रूट्स ढूंढने के अलावा लॉन्च पैड पर मौजूद आतंकियों की संख्या में कमी आई है। भास्कर के पास इंटेलिजेंस की वो रिपोर्ट हाथ लगी है जिसमें आतंकी घुसपैठ और लॉन्च पैड से जुड़ी पूरी जानकारी है।
अप्रैल 2020 में 465 आतंकी जम्मू कश्मीर के अलग-अलग सेक्टर से सटी सरहदों के उस पार मौजूद थे। जबकि मई में इनकी संख्या 9 फीसदीघटकर 428 हो गई है।पिछले साल मई में यहसंख्या 439 थी, यानी पिछले साल के मुकाबले इस साल घुसपैठ की फिराक में मौजूद आतंकी कम हुए हैं।
द्रास सेक्टर का दोमेल आतंकवादियों के नए लॉन्च पैड के तौर पर सामने आया है। इंटेलिजेंस के मुताबिक, हिजबुल मुजाहिद्दीन के 16 आतंकी पीओके से दोमेल में घुसपैठ की प्लानिंग कर रहे थे। इनपुट के मुताबिक, 4 आतंकी घुसपैठ कर भी चुके हैं।
इंटेलिजेंस के मुताबिकपीओके से दोमेल में चार आतंकी घुसपैठ कर चुके हैं।
कश्मीर इलाके में केरन, तंगधार और माच्छिल सेक्टर और जम्मू के पुंछ, भिंबर गली और कृष्णाघाटी लंबे वक्त से आतंकवादियों के लिए घुसपैठ के रास्ते रहे हैं। हालांकि, पिछले महीने पीर पंजाल रेंज की भिंबरगली में आतंकवादियों के मूवमेंट और मौजूदगी में खासी कमी देखी गई है। इसी सेक्टर के सामने लश्कर के 45 आतंकियों का मूवमेंट मई में देखा गया था। जबकि अप्रैल में यहां 80 आतंकी मौजूद थे।
वहीं कृष्णाघाटी सेक्टर में अप्रैल में 68 आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी जो मई में घटकर 37 रह गई है। इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, यह दोनों इलाके (भिंबरगली और कृष्णा घाटी सेक्टर) में बैट हमले औरआईईडी प्लान्टिंग की आशंका जताई गई है। अखनूर सेक्टर में जैश के तीन आतंकियों को लॉन्च पैड पर देखा गया है। ये आतंकी पाक रेंजर्स की मदद से घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।
नौगाम सेक्टर में पिछले महीने 6 आतंकी देखे गए थे, जोबढ़कर 12 हो गए हैं।
गुरेज सेक्टर में अप्रैल में 31 और मई में 47, माच्छिल में अप्रैल में 70 और मई में 47 आतंकी मौजूद थे। हर इलाके में जहां आतंकियों के मूवमेंट में कमी आई है, वहीं केरन सेक्टर में लॉन्च पैड पर आतंकवादी बढ़े हैं। केरनमें अप्रैल में 43 आतंकी थे जो मई में बढ़कर 73 हो गए।
नौगाम सेक्टर में पिछले महीने 6 आतंकी देखे गए थे जोबढ़कर 12 हो गए, उरीमें जैश, हिजबुल के 34 आतंकी लॉन्च पैड पर थे जो बढ़कर 30 हो गए। वहीं पुंछ में लश्कर और हिजबुल के 62 आतंकी सीमा पार मौजूद लॉन्च पैड पर दिखाई दिए हैं।
जनवरी से लेकर अभी तक कश्मीर में 125 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं।
इंटेलिजेंस रिपोर्ट की मानें तो आतंकी अपनी स्ट्रैटेजी में बदलाव कर घुसपैठ के नए रास्ते तैयार कर रहे हैं। कश्मीर में 125 से ज्यादा आतंकवादी जनवरी से लेकर अब तक अलग-अलग ऑपरेशन में मारे गए हैं। जिसके चलते आतंकी संगठन कश्मीर में घुसपैठ करवाने की नई तरकीब खोज रहे हैं।
जेवर, लिबास, मोती और चूड़ियों की शॉपिंग के लिए दुनियाभर में हैदराबाद का चारमिनार अपनी अलग पहचान रखता है। रमजान के बाद शादियों के इस मौसम में यहां पांव रखनेकी जगह नहीं मिलती थी।लेकिन, इस बार कोरोना के चलते यह हाल हो गया है कि दुकानदार सड़क पर चल रहे गिने चुने ग्राहकों को आवाज दे देकर बुला रहे हैं।
ऐतिहासिक इमारत चारमिनार इन दिनों रंग और रौनक के बिना सूनी है। इसके आसपास की छोटी छोटी गलियां शादी की खरीदारी के लिए खास मशहूर हैं। एक दिन में करोड़ों का कारोबार करने वाला हैदराबाद का यह पुराना इलाका इन दिनों खाली है। दुकानदारों का तो ये तक कहना है कि वो बस दिल को तसल्ली देने भर के लिए दुकानें खोल रहे हैं।
‘हैदराबाद का जरदोजीवर्क वाला दुपट्टा सबसे मशहूर है, इसकी कीमत 11 हजार रुपएसे लेकर पांच लाख रुपएतक होती है। फोटो-ताराचंद गवारिया
ग्राहकों के बिना सूनी हैं दुकानें
वेडिंग कलेक्शन के लिए मशहूर काका जी वेडिंग मॉल के आरिफ पटेल बताते हैं ‘हैदराबाद का जरदोजीवर्क वाला दुपट्टा सबसे मशहूर है, ये सिर्फ हैदराबाद में ही मिलता है। इसकी कीमत 11 हजार रुपएसे लेकर पांच लाख रुपएतक होती है। लेकिन, कोरोना की बाजार पर ऐसी मार पड़ी कि हमारा शोरूम ग्राहकों के बिना सूना है।’
आरिफ के पास 40 लोग कामकरते थे जिसमें से अब सिर्फ 7रह गए हैं। वेबताते हैं कि ईद और शादियों का यह सीजन पूरे साल की कमाई कर देता था जिसमें दुल्हन के अलावा रिश्तेदारों के कपड़े भी लिए जाते थे। लेकिन, अब घर में दस लोगों में शादी हो रही है तो परिवार वाले रिश्तेदारों के लिए कपड़े नहीं खरीद रहे हैं। सिर्फ दुल्हन का जोड़ा ले रहे हैं।
शादियों से सीजन में यहां ग्राहकों की भीड़ होती थी लेकिन अभी नहीं के बराबर ग्राहक आते हैं। फोटो -ताराचंद गवारिया
कोरोना से पहले हर दिन 30 लाख का होता था कारोबार
मोती गली में लिबास वेडिंग कलेक्शन के मुबीन बताते हैं ‘आम दिनों में यहां हर दिन आने वाले ग्राहकों की गिनती ही नहीं की जा सकती थी, भीड़ ऐसी होती थी कि शायद मैं आपसे बात भी नहीं कर पाता।’ लाड बाजार चूड़ियों के लिए मशहूर है। अल सुल्तान ट्रेडर के आमिर खान के मुताबिक लाख पर स्टोन की कारीगरी वाली यह चूड़ियां बेहद खास होती हैं। इसकी यहां 300 दुकानें हैं जहां हर दिन लगभग 10 से 12 हज़ार रुपएका कारोबार होता था लेकिन, अभी मुश्किल से एक दिन में एक से दो हजार रुपएका ही हो पाताहै।
लाख पर स्टोन की कारीगरी वाली चूड़ियां यहां मशहूर हैं। यहां चुड़ियों की 300 दुकानें हैं। फोटो-ताराचंद गवारिया
चारमिनार मार्केट में पहले एक दिन में 5 करोड़ का कारोबार होता था
चारमिनार की बैंगल एसोसिएशन के सचिव शोएब बताते हैं कि दुल्हन के लिए हैदराबादी चूड़ियां यहां की पहचान है। हालांकि इसके लिए कच्चा माल फिरोज़ाबाद और कोलकाता से आता है। इस बार नया माल इसलिए नहीं लाएक्योंकि पहले वाला ही नहीं बिक रहा है। शोएब कहते हैं, पूरे चारमिनार के सभी तरह के बाजार मिलाकर एक दिन का लगभग पांच करोड़ का कारोबार होता था, जो कोरोना की वजह से इन दिनों डेढ़ करोड़ के आसपास हो गया है।यहां हर दुकान से 500 लोगों का घर चलता है। लेकिन अब हर दुकान से स्टाफ भी आधा कर दिया गया है।
दुल्हन के लिए हैदराबादी चूड़ियां यहां की पहचान है। वेडिंग सीजन में इसकी खूब बिक्री होती थी।फोटो-ताराचंद गवारिया
मोतियों के व्यापारी अब ऑनलाइन करेंगे कारोबार
दुनिया में मोती कहीं के भी होवह कच्चे हैदराबाद आते हैं। हैदराबाद दुनिया में मोतियों के कारोबार का सबसे बड़ा बाजारहै। यहां से क्वालिटी के मुताबिकमोतीछांट कर दूसरे देशों में जाते हैं।सर्राफा एसोसिएशन के हृदय अग्रवाल का कहना है, ‘डिजीटल पर जाए बिना 100 करोड़ के टर्नओवर का बिज़नेस दोबारा खड़ा नहीं हो पाएगा।वह कहते हैं, अगर हम मोतियों के कारोबार के लिए ई कॉमर्स वेबसाइट खोलते हैं तो वह मंहगी भी है और उसे मैनेज करने का खर्च भी ज्यादा है।
अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जा रहे व्यापारी
फिलहाल वो अमेज़ॉन और फ्लिपकार्ट के जरिए काम शुरू करेंगे उसके बाद हैदराबादी मोतियों के लिए ई कॉमर्स वेबसाइट शुरू करेंगे। इसके अलावा इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए इसकी मार्केटिंग शुरू कर रहे हैं। अग्रवाल का कहना है कि हम किसी दूसरे बिज़नेस में इसलिए नहीं जा सकते क्योंकि हमें मोतियों के कारोबर के अलावा दूसरे बिज़नेस की खास जानकारी नहीं है। मोती की डिमांड इतनी है कि इसका बिजनेस हर साल मुनाफे पर मुनाफा दे रहा है। सोना, चांदी, हीरा खरीदना सबके बस की बात नहीं। मोती ने सोने, चांदी और हीरे को रिप्लेस किया है।
हैदराबाद दुनिया में मोतियों के कारोबार का सबसे बड़ा बाजारहै। इससे सलाना 100 करोड़ का टर्नओवर होता है।फोटो-ताराचंद गवारिया
एसोसिएशन से जुड़े कुंजबिहारीअग्रवाल बताते हैं कि मोती हैदराबाद की पहचान है। चारमिनार में मोतियों के सभी कारोबारीअकेले बैठे हैं। यहां के सबसे बड़े मोती के कारोबारी कुंजबिहारी अग्रवाल बताते हैं कि मोती का बिजनेस टूरिस्ट पर निर्भर होता है क्योंकि स्थानीय लोग मोती नहीं खरीदते। यही वजह है कि अगले पांच महीने तक हमारा बिजनेस पूरी तरह से ठप रहने वाला है।
365 दिन गुलज़ार रहने वाले इस बिजनेस का हैदराबाद में सालाना टर्नओवर 100 करोड़ के आसपास था, जाहिर है जो हालात है उनमें कोई मोती नहीं खरीदेगा। कारोबारी ऑनलाइन बिजनेस में उतर रहे हैं।पहले कस्टमर दुकानदार तक आते थे लेकिन, अब वे लोग ऑनलाइन के जरिएकस्टमर तक जाएंगे।
चारमिनार से हैदराबाद को शहर बनाने की हुई थी शुरुआत
निजाम का हैदराबाद देखना हो तो चारमिनार जाए बिना नहीं देखा जा सकता। चारमिनार का इतिहास 400 साल से ज्यादा पुराना है। इसका निर्माण 1591 में कुतुब शाही वंश के पांचवें शासक मोहम्मद कुली कुतुब शाह ने करवाया था। इसे बनाने के ईरान से कारीगर आए थे। कहा जाता है कि हैदराबाद शहर को बनाने की शुरुआत चारमिनार से ही हुई थी।
शहर के बीचों बीच स्थित यह इमारत फारसी वास्तुकला से प्रेरित है। यहां की मदीना चौराहा, मक्का मस्जिद, चारमिनार बाज़ार, लाड बाज़ार, मोती गली, पत्थरगट्टी बाज़ार बहुत मशहूर है। दूर- दूर से लोग चारमिनार में हैदराबाद की आधुनिकता और परंपरा का मिश्रण देखने के लिए आते हैं। खाने पीने में हैदराबादी बिरयानी और निहारी के लिए भी यह इलाका मशहूर है।
मुनीर आलम, उम्र 40 साल।रोज सुबह जल्दी उठ जाते हैं और अपनी गाड़ी में बोर्ड, कुछ कुर्सियांऔर मार्कर रखकर ठीक 5 बजे श्रीनगर के ईदगाह मैदान पहुंच जाते हैं। इसके बाद वे मैदान में कुर्सियां रखते हैंऔर उसपरबोर्ड लगा देते हैं। फिर ओपन ग्राउंड में शुरू होती है मैथ्स की क्लास। मुनीर ने एनआईटी श्रीनगर से इंजीनियरिंग की है और वे पिछले 20 साल से 11-12वीं के बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
कोरोना महामारी की वजह से जब देशभर में लॉकडाउन लगा तो सभीस्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थान बंद कर दिए गए। तब से लेकर अभी तक पाबंदी जारी है। जम्मू-कश्मीर में 28 जून तक 6966 कोरोना के मामले आएहैं। जबकि 93 लोगों की मौत हुई है।
मुनीर आलम पिछले एक सप्ताह से बच्चों को श्रीनगर के ईदगाह में पढ़ा रहे हैं। ताकि कोरोनाकाल में इनकी पढ़ाई बाधित नहीं हो।फोटो- आबिद भट्ट
मुनीर बताते हैं कि पिछले तीन महीने से घर में बैठे-बैठे परेशान हो गया था। छात्रों की पढ़ाई और उनके फ्यूचर की चिंता हो रही थी। वे कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर में 2008 से अबतक पत्थरबाजी और कर्फ्यू का दौर रहा, लेकिन उस समय इतने मुश्किल हालात का सामना नहीं करना पड़ा जो आज करना पड़ रहा है।
लॉकडाउन के बाद देशभर में ऑनलाइन क्लास शुरू हुए,लेकिन यहां तो टूजी इंटरनेट चलता है, कई बार वो भी बंद हो जाता है।मैंने एक महीना बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया। मुझे जमा नहीं और स्टूडेंट्स को भी इसका ज्यादा फायदा नहीं हो रहा था। उलटे वे कन्फ्यूजहो रहे थे। मैं कुछ दिनों से इन छात्रों के लिए कुछ करने का प्लान बना रहा था ताकि इनका फ्यूचर बर्बाद न हो।
मुनीर ने एनआईटी श्रीनगर से इंजीनियरिंग की है। वे पिछले 20 साल से मैथ्स पढ़ा रहे हैं।फोटो- आबिद भट्ट
मुनीर बताते हैं पिछले महीने दिमाग में ओपन क्लास लेने का आइडिया आया। लेकिन, उसके पहले बच्चों को कोरोना से जागरूक करनाऔर उससे जुड़ेप्रोटोकॉल्स के बारे में समझाना जरूरी था। ताकि जब हम बाहर जाएं तोपरेशानी नहीं हो। इसलिए पहले घर के बाहर लॉन में 4-5 बच्चों को पढ़ने के लिए बुलाया। उन्हें कोरोना से बचने के प्रोटोकॉल्स के बारे में जानकारी दी, उन्हें गाइड और मॉटिवेट किया। जब मुझे लगा कि बच्चे ट्रेंड हो गए हैं तब पिछले सप्ताह ओपन क्लास लगाना शुरू किया।
मुनीर ने पहले 20 बच्चों के साथ ओपन ग्राउंड में सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करते हुए पढ़ाना शुरू किया। इसके बाद बच्चे बढ़ते गए।वे अभी 40 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। सुबह ठीक 5.30 बजे उनकी क्लास शुरू हो जाती है। छात्र एक दूसरे से दूरी बनाकर बैठते हैं। मुनीर बताते हैं कि हमने सुबह का समय इसलिए तय किया है ताकि बच्चों को धूप से परेशानी नहीं हो। एक फायदा यह भी है कि सुबह ट्रैफिक स्लो होता है और भीड़ भी नहीं होती हैं।
मुनीर ने 20 छात्रों के साथ ओपन क्लास शुरू किया, अभी करीब 40 बच्चों को पढ़ाते हैं। फोटो- आबिद भट्ट
वे कहते हैं कि जिन बच्चों ने पिछले साल फीस भर दी थी, उनसे कोई एक्स्ट्रा पैसे नहीं लेता हूं। साथ ही अब जो नए बच्चे आ रहे हैं, उनसे भी पैसे नहीं मांगता हूं। क्योंकि मुझे पता है अभी लोग किन हालातों से गुजर रहे हैं। मैंने पैरेंट्स से बोल रखा है कि जब सबकुछ पटरी पर लौट आए तो भले फीस दे देना लेकिन, अभी किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
मुनीर बताते हैं कि हमने बचपन से जम्मू-कश्मीर के हालात को देखा है। यहां कर्फ्यू और पत्थरबाजीकी वजह से छात्रों की पढ़ाई डिस्टर्ब होती रही है। जब मैं 12वीं में था तो करगिल की वजह से मेरा एक सेमेस्टर बर्बाद हो गया।इसलिए मैंने इंजीनियरिंग करने के बाद जॉब के लिए अप्लाई ही नहीं किया और एजुकेशन को ही करियर चुन लिया। मुनीरइंजीनियरिंग करने से पहले से ही छात्रों को पढ़ा रहे हैं। कुछ सालों तक उन्होंने श्रीनगर केइकबाल मेमोरियल इंस्टिट्यूट में भी पढ़ाया।
मुनीर के इस नई पहल की तारीफ हो रही है, बच्चों के पैरेंट्स उनको सपोर्ट कर रहे हैं। फोटो- आबिद भट्ट
अगस्त 2019 से अब तक सिर्फ 14-15 ही क्लास हुए हैं
मुनीर कहतेहैं कि एक टीचर के नाते मुझे तकलीफ होती है जब छात्र क्लास नहीं कर पाते हैं।पिछले साल अगस्त से अब तक पूरे श्रीनगर में सिर्फ 14-15 ही क्लास हुए हैं। आर्टिकल 370 हटाने के बाद जब कर्फ्यू लगा तो एजुकेशन सिस्टम बंद कर दिया गया और उसके बाद फिर कोरोना आ गया। पिछले10 महीने से छात्रों की ठीक से पढ़ाई नहीं हो पाई है। उनके सिर परकॉम्पिटिटिव एग्जाम्स हैं, वे पढ़ेंगे ही नहीं तो परीक्षा में क्या लिखेंगे, कैसे पास होंगे।
एजुकेशन को एसेंशियल सर्विस बनाने की मांग
मुनीर कहते हैं कि लॉकडाउन के दौरान मेडिकल सर्विसेज, हेल्थ सर्विसेज, मीडिया और खाने-पीने की चीजें जैसी सेवाएं चालू रहीं। लेकिन, एजुकेशन को बंद कर दिया गया। वे बताते हैं कि सारे आउटलेट्स खोल दिए गए लेकिन उसकी फैक्ट्री ही बंद कर दी गई। अगर छात्र पढ़ेगा ही नहीं तो वह आगे चलकर डॉक्टर या पत्रकार कैसेबनेगा। उन्होंने कहा कि हमें एजुकेशन को भी एसेंशियल सर्विस में शामिल करना चाहिए।
मुनीर देशभर के शिक्षकों से अपील करना चाहते हैं कि छात्रों के हित में वे लोग भी कुछ पहल करें। फोटो- आबिद भट्ट
डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं बच्चे
मुनीर बताते हैं कि पिछले कई महीनों से छात्र स्कूल-कॉलेज नहीं जा रहे हैं, पढ़ाई बंद है। उनकी आउट डोर एक्टिविटिज भी बंद हैं। ऐसे में वे घर में बैठे-बैठे परेशान हो रहे हैं, डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। अगर हमने इस समस्या को दूर करने की कोशिश नहीं की तो यह कोरोना से भी बड़ी मुसीबत साबित होगी।
मुनीर कहते हैं कि हमें एजुकेशन को भी एसेंशियल सर्विस में शामिल करना चाहिए। फोटो- आबिद भट्ट
मुनीर कहते हैं कि मेरे काम की तारीफ हो रही है। लोकल के साथ -साथ दूसरे जगहों के लोग भी मुझेएप्रिशिएट कर रहे हैं। लेकिन, मैं अकेलाक्या कर सकता हूं, कितने बच्चों को पढ़ा सकता हूं। इसलिए मैं एजुकेशनिस्ट से अपील करना चाहता हूं कि स्टूडेंट्स के बारे में, उनके फ्यूचर के बारे में सोचेंऔर कोई न कोई उपाय कर के क्लासेज शुरू हो ताकि बच्चों की पढ़ाई भी बाधित न हो और वे डिप्रेशन का शिकार होने से भी बच सकें। - श्रीनगर से मुनीर आलम ने दैनिक भास्कर के इंद्रभूषण मिश्र से फोन पर यह जानकारी साझा की।
कोरोनावायरस की मार झेलने वाले सेक्टर्स में से एक है- मेडिकल टूरिज्म। कोरोनावायरस के आने से पहले इस साल देश में मेडिकल टूरिज्म का बाजार 9 अरब डॉलर यानी 68 हजार 400 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान था। जबकि, 2015 में यही मार्केट 3 अरब डॉलर (आज के हिसाब से 22 हजार 800 करोड़ रुपए) का था। लेकिन, कोरोना ने इस पर ग्रहण लगा दिया।
ये आंकड़े 2016 में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री यानी फिक्की और आईएमएस हेल्थ इंडिया की एक स्टडी में दिए गए थे। इसी रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के मेडिकल टूरिज्म मार्कट में भारत का शेयर 18% था, जो 2020 तक बढ़कर 20% तक पहुंचने की उम्मीद थी। इतना ही नहीं मेडिकल टूरिज्म के मामले में 41 देशों की लिस्ट में हम 5वें नंबर पर हैं।
भारत में हर साल कितने लोग आते हैं इलाज के लिए?
अनुमान के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल 1 करोड़ से ज्यादा लोग इलाज के लिए या किसी न किसी तरह के मेडिकल सपोर्ट के लिए दूसरे देश जाते हैं। हमारे यहां भी हर साल विदेशों से इलाज के लिए भारत आने वाले मरीजों की संख्या हर साल बढ़ रही है।
पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2014 में हमारे देश में 1.39 लाख से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आए थे। इनकी संख्या 2018 में 6.40 लाख पर पहुंच गई। यानी 2014 की तुलना में 2018 में इलाज के लिए विदेशों से आने वाले लोगों की संख्या 350% से ज्यादा बढ़ गई।
मेडिकल टूरिज्म से भारत को कितनी कमाई होती है?
इसी साल फरवरी में जब लोकसभा में इलाज के लिए भारत आने वाले विदेशियों से होने वाली कमाई का ब्यौरा मांगा गया, तो सरकार की तरफ से जवाब में आया कि केंद्र सरकार इसका डेटा नहीं रखती है। हालांकि, 2014 की तुलना में 2019 में विदेशी पर्यटकों से होने वाली कमाई में 70% से ज्यादा का इजाफा हुआ है।
भले ही सरकार के पास मेडिकल टूरिज्म से होने वाली कमाई का कोई ब्यौरा न हो, लेकिन सरकारी पॉलिसी थिंक टैंक नीति आयोग के मुताबिक, देश को विदेशी पर्यटकों से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा मेडिकल टूरिज्म से ही आता है।
सबसे ज्यादा इराक से इलाज के लिए भारत आते हैं लोग
पर्यटन मंत्रालय पर 2018 तक के आंकड़े मौजूद हैं। इसके मुताबिक, 2018 में इराक से 68 हजार 462 टूरिस्ट भारत आए थे। इनमें से भी 86% से ज्यादा इराकी भारत में इलाज के लिए आए थे। दूसरे नंबर पर यमन हैं, जहां से 21 हजार 674 लोग आए थे, जिनमें से करीब 55% लोग इलाज के लिए आए।
इलाज के लिए भारत क्यों बना पसंद?
1. सस्ता : अमेरिका, यूरोप जैसे विकसित देशों की तुलना में भारत में मेडिकल केयर और ट्रीटमेंट का खर्चा 50% कम है। इतना ही नहीं अमेरिका की तुलना में यहां इलाज कराने पर 65 से 90% तक की बचत होती है।
2. अस्पताल : भारत में जॉइंट कमीशन इंटरनेशन से मान्यता प्राप्त 38 अस्पताल हैं। इसके अलावा नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स से मान्यता प्राप्त 619 अस्पताल हैं।
3. डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ : न सिर्फ अस्पताल बल्कि हमारे यहां डॉक्टर्स, सर्जन्स और मेडिकल स्टाफ दक्षिण एशियाई देश में सबसे ज्यादा हैं। हमारे यहां 12 लाख से ज्यादा एलोपैथिक डॉक्टर, 1.7 लाख डेंटल सर्जन्स और 20 लाख से ज्यादा नर्सेस हैं।
4. रिकवरी : इलाज के लिए विदेशों से हमारे देश आने वाले मरीजों की रिकवरी जल्दी भी होती है। किसी बड़े ऑपरेशन या सर्जरी के बाद यहां मोर्टेलिटी रेट 1.4% के आसपास है। जबकि, अमेरिका में यही रेट 1.9% है।
इलाज के लिए सबसे ज्यादा महाराष्ट्र जाते हैं विदेशी
हमारे देश में दूसरे देश से आने वाले मरीज इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता जाते हैं। हर साल जितने मरीज भारत आते हैं, उनमें से 27% महाराष्ट्र जाते हैं। इनमें से भी 80% मुंबई जाते हैं। उसके बाद 15% चेन्नई और 7% मरीज केरल जाते हैं।
(सोर्स : indiahealthcaretourism.com, फिक्की, पर्यटन मंत्रालय, लोकसभा)