नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि आप नरसंहार की बात करते हैं, तो आपको मामूली सी सजा मिलती है। यहां दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। यह जॉर्ज ऑरवेल के उपन्यास '1984' में दिखाई गई दोहरी सोच की तरह है।'from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/jiRUkw8
नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि आप नरसंहार की बात करते हैं, तो आपको मामूली सी सजा मिलती है। यहां दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। यह जॉर्ज ऑरवेल के उपन्यास '1984' में दिखाई गई दोहरी सोच की तरह है।'
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