विश्व शांति दिवस के दिन शांति से ज्यादा अशांति की चर्चा करना इस समय की मजबूरी है। आज दुनिया कितनी शांत है इसे यूं बयां किया जा सकता है कि बस कहीं बड़ी तोपें नहीं गरज रहीं, क्योंकि जंग ने रूप बदल लिया...from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/39kEWhO
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