लंबी हो सकती है गुलाम नबी आजाद की शाम, जानें कांग्रेस के सामने क्या है सबसे बड़ी परेशानी?

‘दिल नाउम्मीद तो नहीं, नाकाम ही तो है। लंबी है गम की शाम, मगर शाम ही तो है।’राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने बेहद भावुक अंदाज में अपना विदाई भाषण देते हुए यह शेर पढ़ा। यह शेर...

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